भारत का संविधान

भारत का संविधान

सूची

उद्देशिका

हम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, पंथ-निरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को:

सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय,
विचार, अभिव्यक्ति विश्वास, धर्म
और उपासना की स्वतंत्रता,
प्रतिष्ठा और अवसर की समता
प्राप्त कराने के लिए.

तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और
राष्ट्र की एकता और अखंडता
सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए

दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवंबर, 1949 ई. (मिति मार्गशीर्ष शुक्ला सप्तमी, संवत् दो हजार छह विक्रमी) को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।

“26 नवंबर को भारत में संविधान दिवस” मनाने का निर्णय नरेंद्र मोदी सरकार में लिया गया। इसके पहले 9 दिसंबर को संविधान दिवस मनाया जाता था क्योंकि अंग्रेजों द्वारा भारत के लिए संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को बुलाया गया था, जो लगभग 3 वर्षों में तैयार होकर 26 नवंबर 1949 के ऐतिहासिक दिन बना ।
भारत अपनी स्वाधीनता के 75 वर्ष भी मना रहा है। ऐसी परिस्थिति में संविधान दिवस को मनाने के ऐतिहासिक कारण भी है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने निर्णय लिया कि इस दिन सभी स्कूलों में छात्र-छात्राएं संविधान की उद्देशिका / प्रस्तावना का पाठ करेंगे। प्रस्तावना एवं उद्देशिका दोनों एक ही है, जिसकी सुरुवात “हम भारत के लोग” से प्रारंभ होकर तारीख 26 नवंबर, 1949 ई का जिक्र करते हुए समाप्त होती हैं । इस सविंधान में ही देश के हर एक प्रश्न का उत्तर समाहित होता हैं और जब कही कोई बात समझ न आये तो कानून इसी सविंधान या उददेशिका से ही निकाला जाता हैं । यह बहुत अच्छी बात है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में स्कूलों बच्चों को संविधान के प्रति जागरुक किया जा रहा है।

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